Beschrijving
विश्वास वह डोर है जो टूट जाए, तो रिश्ते फिर कभी पहले जैसे नहीं हो पाते. प्यार में मिले धोखा ने सुजाता का विश्वास पुरुष जाति से ही उठा दिया. क्या वह कभी पुरुष जाति पर विश्वास कर पायेगी?
विश्वास वह डोर है जो टूट जाए, तो रिश्ते फिर कभी पहले जैसे नहीं हो पाते. प्यार में मिले धोखा ने सुजाता का विश्वास पुरुष जाति से ही उठा दिया. क्या वह कभी पुरुष जाति पर विश्वास कर पायेगी?